Tuesday, December 20, 2011

traditional transportation

बिहारीगंज  बनमनखी रेलखंड के बिच चलने वाली रेलगाड़ी "गजराज एक्सप्रेस " स्थानीय लोगों जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चूका है ! वर्ष २००८ में आने वाली भयानक बाढ़ यह ट्रेन एक जीवन रेखा के रूप में साबित हुई , जो न जाने कितने मासूमो की जिंदगी कोई रक्षा की ! इस रूट में पड़ने वाले स्थान जैसे राजघाट , रघुवान्सनगर, बारह्राकोठी ,सुख्सैना , ओउराही आदि जगहों के लोग अपने दैनिक जीवन में इस रेल को यथार्थ मानकर चलते हैं ! इस क्षेत्र  में सड़क संपर्क के न्यूनता के कारण इसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है !

पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव के काल में बिहारीगंज को कुर्सेला (कटिहार ) से जोड़ने का प्रस्ताव भी पेश किया गया साथ ही साथ इस रूट में पड़ने वाले स्टेशन जैसे रोपौली , तिकापत्ती ,भवानीपुर  आदि जगहों का सर्वेक्षण कराकर रेलमंत्रालय द्वारा बोर्ड भी लगाया गया , किन्तु इश दिशा में अभी तक  कोई भी प्रगति नहीं हो पाई है  और यंहा  के लोग खुद को ठगा महशुश कर रहें  हैं !

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